//luvaihoo.com/afu.php?zoneid=3989022 Guru Nanak Jayanti 2020: दिव्य पुरुष माने जाते हैं नानक देव, जानें गुरु नानक जयंती का इतिहास और महत्व

Guru Nanak Jayanti 2020: दिव्य पुरुष माने जाते हैं नानक देव, जानें गुरु नानक जयंती का इतिहास और महत्व

 

Guru Nanak Jayanti 2020: गुरु नानक देव की जयंती 30 नवंबर को है। इनका जन्मदिन हर वर्ष कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। गुरु नानक देव सिख धर्म के प्रथम गुरु हैं। सिख धर्म की स्थापना गुरु नानक देव ने ही की थी। गुरु नानक देव ने अपने पारिवारिक जीवन के सुख का ध्यान न करते हुए कई जगहों पर यात्राएं कीं। इस दौरान इन्होंने लोगों के मन में बस चुकी कुरीतियों को दूर करने की दिशा में काम किया। आइए जानते हैं इस दिन का इतिहास और महत्व।

गुरु नानक जयंती का इतिहास:

इनका जन्म कार्तिक मास की पूर्णिमा को हुआ था। कहा जाता है कि जिस वर्ष गुरुनानक जी का जन्म हुआ था उस दिन 12 नवंबर, मंगलवार था। इसी खुशी में गुरु नानक जयंती मनाई जाती है। गुरू नानक देव बचपन से ही शांत प्रवृति के थे। वह बचपन में आंखें बंद कर ध्यान और चिंतन में लगे रहते थे। यह देख उनके माता-पिता को चिंता होने लगी। एक बार गुरु नानक के पिता ने उन्हें पढ़ने के लिए गुरुकुल भेज दिया। वहां पर नानक देव ने ऐसे प्रश्न अपने गुरु से किए वो निरुत्तर हो गए। गुरू नानक देव के ज्ञान को देख उनके गुरु इस निष्कर्ष पर पहुंचे की उन्हें ईश्वर ने ज्ञान देकर इस धरती पर भेजा है। कहा तो यह भी जाता है कि गुरू नानक देव को एक मौलवी के पास भी पढ़ने के लिए भेजा गया था। लेकिन वो भी उनकी जिज्ञासा शांत नहीं कर पाए। अपने विवाह के कुछ समय बाद ही गुरू नानक देव अपना घर-द्वार छोड़कर अन्य देशों में भ्रमण के लिए चले गए थे। इनमें भारत, अफगानिस्तान, फारस और अरब के मुख्य हैं। गुरू नानक देव ने इन देशों में लोगों को घूम-घूमकर उपदेश दिया। साथ ही पंजाब में कबीर की निर्गुण उपासना का प्रचार किया। इससे ही वो सिख संप्रदाय के गुरू बने। माना जाता है कि इसी समय से नानक देव सिखों के पहले गुरु के रूप में प्रतिष्ठित हुए।

गुरु नानक जयंती का महत्व:

इस दिन का महत्व बहुत अधिक है। यह दिन सिख सम्प्रदाय के लोगों के लिए बेहद खास होता है। ऐसा कहा जाता है कि नानक देव का सांसारिक कार्यों में मन नहीं लगता था और वो ईश्वर की भक्ति और सत्संग आदि में ज्यादा रहते थे। भगवान के प्रति ऐसा समर्पण देख लोग इन्हें दिव्य पुरुष मानने लगे।

डिसक्लेमर

'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी। ' 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ